भारतीय न्याय संहिता (BNS) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर | GKHindiMe विशेष परीक्षा गाइड
1 जुलाई 2024 से भारत में 164 वर्ष पुराने ब्रिटिशकालीन भारतीय दंड संहिता (IPC 1860) को समाप्त कर संसद द्वारा पारित 'भारतीय न्याय संहिता 2023' (BNS 2023) पूर्णतः लागू हो चुकी है। भारतीय न्याय प्रणाली का दृष्टिकोण 'दंड' (Punishment) के औपनिवेशिक विचार से बदलकर 'न्याय' (Justice) और पीड़ित-केंद्रित हो चुका है। BNS में धाराओं की कुल संख्या को 511 से घटाकर 358 किया गया है। छोटे अपराधों में पहली बार 'सामुदायिक सेवा' (Community Service) को दंड के रूप में जोड़ा गया है, मॉब लिंचिंग को धारा 103(2) में मृत्युदंड का प्रावधान दिया गया है, और देशद्रोह की धारा 124A को हटाकर भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने वाले कृत्यों हेतु धारा 152 लाई गई है। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हर अभ्यर्थी हेतु इन 50 प्रश्नों का अभ्यास अनिवार्य है।
IPC 1860 और BNS 2023 का धारा-वार सटीक तुलनात्मक विश्लेषण (50 प्रश्न)।
धारा 103 (हत्या), धारा 64 (बलात्कार), और धारा 69 (विवाह के कपटपूर्ण वादे पर संबंध)।
धारा 111 (संगठित अपराध) और धारा 112 (छोटे संगठित अपराध / स्नैचिंग)।
धारा 152 (भारत की संप्रभुता व एकता को खतरा) और सामुदायिक सेवा दंड।
आगामी सभी पुलिस भर्ती परीक्षाओं में IPC की पुरानी धाराओं के स्थान पर BNS की नई धाराएं अनिवार्य रूप से पूछी जाएंगी: हत्या (धारा 103), बलात्कार (धारा 64), शादी के झूठे वादे पर संबंध (धारा 69), देशद्रोह का नया रूप (धारा 152), और संगठित अपराध (धारा 111)।
भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023): संरचना, नए अपराध और दंडात्मक दर्शन
भारतीय न्याय संहिता 2023 में कुल 20 अध्याय और 358 धाराएं हैं। इस नए कानून में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को प्राथमिकता देते हुए अध्याय 5 में सबसे आगे रखा गया है। संगठित अपराध सिंडिकेट (गैंगस्टर), सुपारी किलिंग, जबरन वसूली, और हवाला कारोबार को रोकने हेतु 'संगठित अपराध' (धारा 111) को कठोर दंड के साथ परिभाषित किया गया है। राहजनी और मोबाइल/चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों को 'छोटे संगठित अपराध' (धारा 112) में शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल को छोड़कर भागने (Hit and Run) पर धारा 106(2) में 10 वर्ष तक की कैद का कड़ा प्रावधान है, जबकि पुलिस को सूचना देकर घायल को अस्पताल ले जाने पर रियायत है। भारतीय दंड विधान में पहली बार धारा 4(f) के तहत 'सामुदायिक सेवा' (Community Service) को आधिकारिक दंड के रूप में मान्यता दी गई है।
परीक्षा उपयोगी 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी संकलन
प्रत्येक प्रश्न का अभ्यास करें और विस्तृत परीक्षा व्याख्या देखें
प्रश्न संख्या 1
भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) में कुल कितने अध्याय और कितनी धाराएं हैं?
A20 अध्याय और 358 धाराएं (IPC में 23 अध्याय और 511 धाराएं थीं)
B22 अध्याय और 400 धाराएं
C18 अध्याय और 300 धाराएं
D25 अध्याय और 500 धाराएं
✅ सही उत्तरविकल्प A: 20 अध्याय और 358 धाराएं
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
BNS 2023 ने अनावश्यक और अप्रचलित धाराओं को समाप्त कर दिया तथा संबंधित अपराधों को युक्तिसंगत बनाकर 358 धाराओं में समाहित किया।
प्रश्न संख्या 2
पुराने कानून IPC 1860 की धारा 302 (हत्या के लिए दंड) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) में किस धारा में प्रतिस्थापित किया गया है?
Aधारा 103 (Section 103 BNS)
Bधारा 101
Cधारा 105
Dधारा 307
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 103 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
BNS की धारा 103(1) में हत्या हेतु मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। धारा 101 में हत्या की परिभाषा दी गई है।
प्रश्न संख्या 3
पांच या अधिक व्यक्तियों के समूह द्वारा नस्ल, जाति, धर्म, लिंग, जन्म स्थान आदि के आधार पर की जाने वाली सामूहिक हत्या (मॉब लिंचिंग - Mob Lynching) को BNS की किस विशिष्ट धारा में दंडनीय बनाया गया है?
Aधारा 103(2) (मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा)
Bधारा 106
Cधारा 111
Dधारा 115
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 103(2) BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
भारत के आपराधिक कानून के इतिहास में पहली बार मॉब लिंचिंग को अलग जघन्य अपराध मानकर समूह के प्रत्येक सदस्य हेतु मृत्युदंड या उम्रकैद की सजा रखी गई है।
प्रश्न संख्या 4
IPC 1860 की धारा 307 (हत्या का प्रयास - Attempt to Murder) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) में किस धारा में बदला गया है?
Aधारा 109 (Section 109 BNS)
Bधारा 102
Cधारा 110
Dधारा 114
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 109 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) हेतु BNS की धारा 109 के तहत 10 वर्ष तक के कारावास और यदि चोट कारित हो तो आजीवन कारावास तक का दंड हो सकता है।
प्रश्न संख्या 5
भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 में दंड के प्रकारों (Punishments) में कौन सा नया दंड पहली बार जोड़ा गया है?
Aसामुदायिक सेवा (Community Service - धारा 4(f))
Bकालापानी की सजा
Cसंपत्ति छीनना
Dसार्वजनिक कोड़े मारना
✅ सही उत्तरविकल्प A: सामुदायिक सेवा (Community Service)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
छोटे-मोटे अपराधों (जैसे 5,000 रुपये से कम की चोरी, लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा, मानहानि, नशे में उपद्रव) में जेल भेजने के बजाय समाज सेवा का दंड दिया जा सकता है।
प्रश्न संख्या 6
IPC की धारा 375 और 376 (बलात्कार और उसके दंड) को भारतीय न्याय संहिता में किन धाराओं में रखा गया है?
Aधारा 63 (परिभाषा) और धारा 64 (दंड)
Bधारा 50 और 51
Cधारा 70 और 71
Dधारा 80 और 81
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 63 (परिभाषा) और धारा 64 (दंड)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 64 के तहत सामान्य बलात्कार हेतु कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तथा धारा 70 में सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) हेतु 20 वर्ष से आजीवन कारावास का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 7
18 वर्ष से कम उम्र की अवयस्क बालिका के साथ सामूहिक बलात्कार (Gang Rape of a Minor) पर BNS की धारा 70(2) में क्या न्यूनतम सजा है?
Aआजीवन कारावास (प्राकृतिक जीवन के अंत तक) या मृत्युदंड
B7 वर्ष की सजा
C10 वर्ष की सजा
Dकेवल जुर्माना
✅ सही उत्तरविकल्प A: आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) या मृत्युदंड
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों पर BNS में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है।
प्रश्न संख्या 8
विवाह का झूठा वादा करके, पहचान छुपाकर या नौकरी/पदोन्नति का कपटपूर्ण प्रलोभन देकर महिला से शारीरिक संबंध बनाने को BNS की किस नई धारा में अपराध घोषित किया गया है?
Aधारा 69 (कपटपूर्ण साधनों द्वारा संभोग - 10 वर्ष तक की जेल)
Bधारा 64
Cधारा 74
Dधारा 85
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 69 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
यह BNS का अत्यंत महत्वपूर्ण नया प्रावधान है जो धोखे से, पहचान छुपाकर या विवाह के झूठे वादे पर संबंध बनाने वाले आरोपियों को 10 वर्ष तक के कठोर कारावास से दंडित करता है।
प्रश्न संख्या 9
महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग (पूर्व में IPC 354) अब BNS की किस धारा में है?
Aधारा 74 (Section 74 BNS)
Bधारा 75
Cधारा 76
Dधारा 77
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 74 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) धारा 75, निर्वस्त्र करने के आशय से हमला धारा 76, और पीछा करना (Stalking) धारा 78 BNS में दंडनीय है।
प्रश्न संख्या 10
पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता (दहेज प्रताड़ना - पूर्व में IPC 498A) को BNS की किस धारा में रखा गया है?
Aधारा 85 (Section 85 BNS) और धारा 86
Bधारा 90
Cधारा 100
Dधारा 105
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 85 BNS (3 वर्ष तक का कारावास व जुर्माना)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 86 में 'क्रूरता' को विस्तार से परिभाषित किया गया है जिसमें शारीरिक चोट के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना और दहेज की मांग शामिल है।
प्रश्न संख्या 11
दहेज मृत्यु (Dowry Death - पूर्व में IPC 304B) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की किस धारा में समाहित किया गया है?
Aधारा 80 (Section 80 BNS - कम से कम 7 वर्ष से आजीवन कारावास)
Bधारा 70
Cधारा 90
Dधारा 100
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 80 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
विवाह के 7 वर्ष के भीतर अप्राकृतिक परिस्थितियों में महिला की मृत्यु होने पर और पूर्व में दहेज प्रताड़ना साबित होने पर धारा 80 लागू होती है।
प्रश्न संख्या 12
IPC 1860 की विवादास्पद धारा 124A ('राजद्रोह' / Sedition) को BNS में समाप्त कर भारत की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों हेतु कौन सी नई धारा जोड़ी गई है?
Aधारा 152 (Section 152 BNS - भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य)
Bधारा 121
Cधारा 124
Dधारा 150
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 152 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 152 में सरकार की आलोचना अपराध नहीं है, किंतु भारत के किसी हिस्से को अलग करने (अलगाववाद), सशस्त्र विद्रोह भड़काने या संप्रभुता को नष्ट करने पर 7 वर्ष से आजीवन कारावास है।
प्रश्न संख्या 13
भारतीय न्याय संहिता में संगठित अपराध सिंडिकेट (माफिया, गैंग, जबरन वसूली, अनुबंध हत्या) से निपटने हेतु कौन सी नई ऐतिहासिक धारा जोड़ी गई है?
Aधारा 111 (संगठित अपराध - Organized Crime)
Bधारा 112
Cधारा 113
Dधारा 114
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 111 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
यदि संगठित अपराध में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो मृत्युदंड या उम्रकैद और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना; अन्य मामलों में कम से कम 5 वर्ष से उम्रकैद का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 14
मोबाइल फोन छीनना, पर्स स्नैचिंग या सार्वजनिक स्थानों पर की जाने वाली जेबकतरी को BNS में किस श्रेणी में अपराध बनाया गया है?
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 112 BNS (छोटे संगठित अपराध)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
IPC में स्नैचिंग की कोई अलग धारा नहीं थी; पुलिस इसे चोरी या लूट में दर्ज करती थी। BNS ने इसे विशेष अपराध मानकर 1 से 7 वर्ष तक की कैद का प्रावधान किया है।
प्रश्न संख्या 15
भारतीय न्याय संहिता की धारा 113 में किस गंभीर अपराध को केंद्रीय कानून के रूप में परिभाषित और दंडनीय बनाया गया है?
Aआतंकवादी कृत्य (Terrorist Act - भारत की एकता, सुरक्षा या संप्रभुता को धमकी देने वाले कृत्य)
Bदहेज हत्या
Cसाइबर ठगी
Dजालसाजी
✅ सही उत्तरविकल्प A: आतंकवादी कृत्य (Terrorist Act)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 113 के तहत बम, विस्फोटक, जहरीली गैस या जैविक हथियारों से जनहानि करने या आतंक फैलाने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा तय है।
प्रश्न संख्या 16
उतावलेपन या लापरवाही से वाहन चलाकर किसी की मृत्यु कारित करने (Rash and Negligent Driving causing Death) के संबंध में BNS की धारा 106(1) में कितनी सजा है?
A5 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना (पूर्व में IPC 304A में केवल 2 वर्ष थी)
B2 वर्ष
C1 वर्ष
D10 वर्ष
✅ सही उत्तरविकल्प A: 5 वर्ष तक का कारावास (धारा 106(1))
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
BNS ने सड़क पर लापरवाही से जान लेने के अपराध में सजा को 2 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया है।
प्रश्न संख्या 17
सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को सड़क पर तड़पता छोड़कर भाग जाने (हिट एंड रन - Hit and Run) पर BNS की धारा 106(2) में क्या अधिकतम सजा निर्धारित की गई है?
A10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना (यदि घटना के तुरंत बाद पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना न दी जाए)
B2 वर्ष
C3 वर्ष
Dआजीवन कारावास
✅ सही उत्तरविकल्प A: 10 वर्ष तक की कैद और जुर्माना
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
यदि चालक दुर्घटना के तुरंत बाद नजदीकी पुलिस स्टेशन या मजिस्ट्रेट को सूचना देता है, तो उस पर धारा 106(2) के बजाय उदार धारा 106(1) लागू होती है।
प्रश्न संख्या 18
IPC 1860 की धारा 378 और 379 (चोरी और चोरी के लिए दंड) को भारतीय न्याय संहिता में किस धारा में समाहित किया गया है?
Aधारा 303 (Section 303 BNS - 3 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना)
Bधारा 300
Cधारा 305
Dधारा 310
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 303 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 303(2) के परंतु में यदि चोरी की गई संपत्ति 5,000 रुपये से कम मूल्य की है और अपराधी पहली बार दोषी पाया जाता है, तो सामुदायिक सेवा का दंड दिया जा सकता है।
प्रश्न संख्या 19
IPC की धारा 390, 392 (लूट - Robbery) और धारा 391, 395 (डकैती - Dacoity) को BNS में क्रमशः किन धाराओं में रखा गया है?
Aलूट: धारा 309; डकैती: धारा 310
Bलूट: धारा 300; डकैती: धारा 305
Cलूट: धारा 315; डकैती: धारा 320
Dलूट: धारा 325; डकैती: धारा 330
✅ सही उत्तरविकल्प A: लूट धारा 309 और डकैती धारा 310 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
जब 5 या उससे अधिक व्यक्ति मिलकर लूट करते हैं या करने का प्रयास करते हैं, तो वह डकैती कहलाती है। डकैती में आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कठोर कारावास होता है।
प्रश्न संख्या 20
IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति परिदत्त करने हेतु उत्प्रेरित करना) को BNS में किस धारा में बदला गया है?
Aधारा 318 (Section 318 BNS)
Bधारा 315
Cधारा 320
Dधारा 325
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 318(4) BNS (धोखाधड़ी - 7 वर्ष तक की जेल)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
BNS में '420' के स्थान पर अब धारा 318(4) लागू होती है। छल (Cheating) की मूल परिभाषा धारा 318(1) में दी गई है।
प्रश्न संख्या 21
कूटकरण या जालसाजी (Forgery - पूर्व में IPC 463/465) को भारतीय न्याय संहिता में किस धारा में रखा गया है?
Aधारा 336 (Section 336 BNS)
Bधारा 330
Cधारा 340
Dधारा 345
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 336 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
किसी झूठे दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को वास्तविक बताकर कपटपूर्वक उपयोग करने पर धारा 336 के तहत दंडात्मक कार्रवाई होती है।
प्रश्न संख्या 22
आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust - पूर्व में IPC 405/406) को BNS की किस धारा में परिभाषित और दंडित किया गया है?
Aधारा 316 (Section 316 BNS)
Bधारा 312
Cधारा 314
Dधारा 322
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 316 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
विश्वास में सौंपी गई संपत्ति का बेईमानी से गबन या अपने उपयोग में परिवर्तित करना धारा 316 के तहत 3 से 7 वर्ष तक दंडनीय है।
प्रश्न संख्या 23
IPC की धारा 323 (स्वेच्छा से साधारण चोट पहुंचाना) और धारा 325 (गंभीर चोट पहुंचाना) को BNS में किन धाराओं में रखा गया है?
Aसाधारण चोट: धारा 115; गंभीर चोट: धारा 117 BNS
Bधारा 110 और 112
Cधारा 120 और 122
Dधारा 130 और 132
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 115 (साधारण उपहति) और धारा 117 (घोर उपहति)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
खतरनाक हथियारों या साधनों से गंभीर चोट पहुंचाने पर धारा 118 BNS के तहत 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 24
एसिड अटैक (तेजाब फेंकना - पूर्व में IPC 326A) को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में कठोरतम दंड के साथ रखा गया है?
Aधारा 124(1) (कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और पीड़िता के मेडिकल उपचार हेतु जुर्माना)
Bधारा 120
Cधारा 126
Dधारा 130
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 124(1) BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
तेजाब फेंकने का प्रयास करने पर धारा 124(2) के तहत 5 से 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 25
अपहरण (Kidnapping) और व्यपहरण (Abduction) को BNS की किन धाराओं में परिभाषित किया गया है?
Aधारा 137 (Kidnapping) और धारा 138 (Abduction)
Bधारा 130 और 131
Cधारा 140 और 141
Dधारा 145 और 146
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 137 और धारा 138 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
फिरौती हेतु अपहरण (Kidnapping for Ransom) धारा 140(2) BNS के तहत मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडनीय अत्यंत गंभीर अपराध है।
प्रश्न संख्या 26
मानहानि (Defamation - पूर्व में IPC 499 व 500) को BNS की किस धारा में रखा गया है और इसमें क्या नया दंड जोड़ा गया है?
Aधारा 356 (2 वर्ष तक का कारावास, जुर्माना, या सामुदायिक सेवा)
Bधारा 350
Cधारा 355
Dधारा 360
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 356 BNS (सामुदायिक सेवा का विकल्प)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
मानहानि के साधारण मामलों में अदालत दोषी पर कारावास के बजाय सामुदायिक सेवा (Community Service) करने का आदेश भी दे सकती है।
प्रश्न संख्या 27
IPC की धारा 506 (आपराधिक धमकी - Criminal Intimidation) को BNS में किस धारा में बदला गया है?
Aधारा 351 (Section 351 BNS)
Bधारा 350
Cधारा 352
Dधारा 354
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 351 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
किसी व्यक्ति को जान से मारने या संपत्ति नष्ट करने की धमकी देना धारा 351(3) के तहत 7 वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है।
प्रश्न संख्या 28
आत्महत्या के प्रयास (Attempt to commit Suicide - पूर्व में IPC 309) पर BNS की धारा 226 में क्या नया दृष्टिकोण अपनाया गया है?
Aकिसी लोक सेवक को उसका वैधानिक कर्तव्य करने से रोकने या विवश करने के आशय से आत्महत्या का प्रयास करने पर ही दंडनीय (सामुदायिक सेवा या 1 वर्ष जेल)
Bसामान्य आत्महत्या के प्रयास को अपराध मुक्त रखा गया है
Cसभी पर आजीवन कारावास
Dकोई कानून नहीं
✅ सही उत्तरविकल्प A: लोक सेवक को विवश करने हेतु आत्महत्या के प्रयास पर 1 वर्ष जेल या सामुदायिक सेवा
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
मानसिक तनाव या अवसाद के कारण आत्महत्या का प्रयास करने वाले को दंडित करने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के तहत उपचार दिया जाता है।
प्रश्न संख्या 29
भारतीय न्याय संहिता में 'समान आशय' (Common Intention - पूर्व में IPC 34) का सिद्धांत किस धारा में रखा गया है?
Aधारा 3(5) (Section 3(5) BNS)
Bधारा 3(1)
Cधारा 4
Dधारा 5
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 3(5) BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
जब कोई आपराधिक कृत्य कई व्यक्तियों द्वारा उन सबके सामान्य आशय को अग्रसर करने हेतु किया जाता है, तो प्रत्येक व्यक्ति उस अपराध के लिए उसी प्रकार उत्तरदायी होता है जैसे उसने अकेले किया हो।
प्रश्न संख्या 30
आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy - पूर्व में IPC 120A और 120B) को BNS में किस धारा में रखा गया है?
Aधारा 61 (Section 61 BNS)
Bधारा 50
Cधारा 55
Dधारा 65
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 61 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
जब दो या दो से अधिक व्यक्ति कोई अवैध कार्य करने या करवाने का समझौता करते हैं, तो वह आपराधिक षड्यंत्र कहलाता है।
प्रश्न संख्या 31
गैर-कानूनी जनसमूह (Unlawful Assembly - पूर्व में IPC 141) और दंगा (Rioting - पूर्व में IPC 146/147) को BNS में किन धाराओं में रखा गया है?
Aगैर-कानूनी सभा: धारा 189; दंगा: धारा 191 BNS
Bधारा 180 और 182
Cधारा 195 और 197
Dधारा 200 और 202
✅ सही उत्तरविकल्प A: गैर-कानूनी सभा धारा 189 और दंगा धारा 191 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने पर धारा 191(3) के तहत 5 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 32
भारतीय न्याय संहिता में 'प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार' (Right of Private Defence - आत्मरक्षा) किन धाराओं में वर्णित है?
Aधारा 34 से धारा 44 BNS (पूर्व में IPC की धारा 96 से 106)
Bधारा 10 से 20
Cधारा 20 से 30
Dधारा 50 से 60
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 34 से 44 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 38 BNS में वे गंभीर परिस्थितियां वर्णित हैं (जैसे मृत्यु, गंभीर चोट, बलात्कार, अप्राकृतिक कृत्य, अपहरण, तेजाब हमला) जिनमें आत्मरक्षा में हमलावर की मृत्यु तक कारित की जा सकती है।
प्रश्न संख्या 33
BNS की धारा 37 के अनुसार आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग कब समाप्त हो जाता है?
Aजैसे ही शरीर पर खतरे की वास्तविक आशंका समाप्त हो जाती है या जब लोक प्राधिकारियों (पुलिस) की सहायता प्राप्त करने का अवसर मिल जाता है
Bकभी समाप्त नहीं होता
Cहमलावर के भाग जाने के बाद भी गोली मार सकते हैं
Dकेवल रात में लागू होता है
✅ सही उत्तरविकल्प A: खतरे की आशंका समाप्त होने पर आत्मरक्षा का अधिकार समाप्त हो जाता है
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
कानून आत्मरक्षा का अधिकार रक्षा हेतु देता है, प्रतिशोध या सजा देने हेतु नहीं। प्रयुक्त बल खतरे के अनुपात में ही होना चाहिए।
प्रश्न संख्या 34
भारतीय न्याय संहिता के तहत किस आयु से कम के बालक द्वारा किया गया कोई भी कृत्य अपराध नहीं माना जाता (Doli Incapax)?
A7 वर्ष से कम आयु (धारा 20 BNS - पूर्व में IPC 82)
B10 वर्ष
C12 वर्ष
D14 वर्ष
✅ सही उत्तरविकल्प A: 7 वर्ष से कम आयु का बालक (धारा 20 BNS)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
कानून मानता है कि 7 वर्ष से कम आयु का बच्चा अपराध के परिणामों को समझने में पूर्णतः असमर्थ होता है। 7 से 12 वर्ष के परिपक्व बच्चे हेतु धारा 21 लागू होती है।
प्रश्न संख्या 35
विकृतचित्त (मानसिक रूप से अस्वस्थ/पागल) व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य अपराध नहीं है, यह कानूनी बचाव BNS की किस धारा में है?
Aधारा 22 BNS (मैकनॉटन का नियम - पूर्व में IPC 84)
Bधारा 25
Cधारा 28
Dधारा 30
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 22 BNS (Act of a person of unsound mind)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
यदि कोई व्यक्ति मानसिक बीमारी के कारण कृत्य करते समय यह जानने में असमर्थ था कि वह क्या कर रहा है या जो कर रहा है वह गलत या कानून के विपरीत है, तो उसे कानूनी संरक्षण मिलता है।
प्रश्न संख्या 36
BNS की धारा 23 के तहत 'अनपेक्षित नशा' (Involuntary Intoxication) से संबंधित क्या कानूनी प्रावधान है?
Aयदि किसी व्यक्ति को उसकी जानकारी या सहमति के बिना धोखे से नशा दिया गया हो और उस अवस्था में अपराध हो जाए तो वह अपराध नहीं है
Bस्वेच्छा से शराब पीकर अपराध करने पर माफी मिलती है
Cनशे में कोई कानून लागू नहीं होता
Dकोई सजा नहीं
✅ सही उत्तरविकल्प A: अनपेक्षित नशा (धोखे से दिया गया) कानूनी बचाव है
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
स्वेच्छा से नशा करने वाले व्यक्ति पर यह बचाव लागू नहीं होता; कानून मानता है कि नशेड़ी भी उसी प्रकार उत्तरदायी है जैसे वह होश में हो।
प्रश्न संख्या 37
लोक सेवक को उसके कर्तव्य पालन से रोकने हेतु उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग (पूर्व में IPC 353) BNS की किस धारा में है?
Aधारा 132 (Section 132 BNS - 5 वर्ष तक का कारावास व जुर्माना)
Bधारा 125
Cधारा 135
Dधारा 140
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 132 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी या किसी भी लोक सेवक पर हमला करने पर BNS ने सजा को 2 साल से बढ़ाकर अधिकतम 5 साल कर दिया है।
प्रश्न संख्या 38
लोक सेवक के वैध आदेश की अवज्ञा (जैसे धारा 144 का उल्लंघन - पूर्व में IPC 188) अब BNS की किस धारा में दंडनीय है?
Aधारा 223 (Section 223 BNS)
Bधारा 220
Cधारा 225
Dधारा 230
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 223 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 223 के तहत कानूनी आदेश की अवहेलना पर 6 माह तक का कारावास या 2,500 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
प्रश्न संख्या 39
झूठा साक्ष्य देना या झूठे साक्ष्य गढ़ना (Perjury - पूर्व में IPC 191/193) भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में दंडनीय है?
Aधारा 227 (परिभाषा) और धारा 229 (दंड - 7 वर्ष तक की कैद)
Bधारा 220 और 221
Cधारा 235 और 236
Dधारा 240 और 241
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 227 और 229 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
अदालत में शपथ पत्र पर झूठ बोलने या झूठे साक्ष्य पेश करने पर न्याय की प्रक्रिया को दूषित करने हेतु 7 वर्ष तक की जेल और जुर्माने की सजा तय है।
प्रश्न संख्या 40
सिक्कों, बैंक नोटों या करेंसी नोटों की जालसाजी (Counterfeiting of Currency - पूर्व में IPC 489A-E) को BNS में किन धाराओं में रखा गया है?
Aधारा 178 से धारा 182 BNS
Bधारा 160 से 165
Cधारा 190 से 195
Dधारा 200 से 205
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 178 से 182 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
नकली नोट छापने, रखने या जानबूझकर बाजार में चलाने पर आजीवन कारावास तक की कड़ी सजा का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 41
सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance - पूर्व में IPC 268/290) को BNS की किस धारा में रखा गया है?
Aधारा 270 (Section 270 BNS)
Bधारा 265
Cधारा 275
Dधारा 280
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 270 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
सार्वजनिक रास्ते में बाधा डालना, प्रदूषण फैलाना या आम जनता के स्वास्थ्य व सुरक्षा को खतरे में डालना लोक न्यूसेंस के तहत दंडनीय है।
प्रश्न संख्या 42
खाद्य या पेय पदार्थों में मिलावट (Adulteration of Food or Drink - पूर्व में IPC 272/273) को BNS की किस धारा में दंडनीय बनाया गया है?
Aधारा 274 और धारा 275 BNS (6 माह तक की कैद या 5,000 जुर्माना या दोनों)
Bधारा 260 और 261
Cधारा 280 और 281
Dधारा 290 और 291
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 274 और 275 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
हानिकारक मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचना सार्वजनिक स्वास्थ्य के विरुद्ध अपराध है।
प्रश्न संख्या 43
किसी धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान कर धार्मिक भावनाएं आहत करने का कृत्य (पूर्व में IPC 295A) BNS की किस धारा में है?
Aधारा 299 (Section 299 BNS - 3 वर्ष तक का कारावास व जुर्माना)
Bधारा 295
Cधारा 300
Dधारा 305
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 299 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले भाषण या लेख धारा 299 के तहत गैर-जमानती अपराध हैं।
प्रश्न संख्या 44
विभिन्न धार्मिक, जातीय या भाषाई समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना (पूर्व में IPC 153A) BNS की किस धारा में रखा गया है?
Aधारा 196 (Section 196 BNS)
Bधारा 190
Cधारा 192
Dधारा 198
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 196 BNS
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और दंगे भड़काने वाले कृत्यों पर धारा 196 के तहत 3 से 5 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 45
गृह-अतिचार (House-trespass) और रात्रि गृह-भेदन (Lurking House-trespass by night / सेंधमारी) BNS की किन धाराओं में हैं?
Aगृह-अतिचार: धारा 329; रात्रि गृह-भेदन: धारा 331 BNS
Bधारा 320 और 322
Cधारा 335 और 337
Dधारा 340 और 342
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 329 (गृह-अतिचार) और धारा 331 (सेंधमारी/रात्रि भेदन)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
रात में ताला तोड़कर या खिड़की काटकर घर में घुसना धारा 331 के तहत 14 वर्ष तक के कठोर कारावास से दंडनीय है।
प्रश्न संख्या 46
भारतीय न्याय संहिता में 'उत्पीड़न' (Stalking - महिला का पीछा करना) किस धारा में दंडनीय है?
Aधारा 78 (Section 78 BNS - प्रथम बार में 3 वर्ष, दूसरी बार में 5 वर्ष जेल)
Bधारा 72
Cधारा 75
Dधारा 80
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 78 BNS (Stalking)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
भौतिक रूप से पीछा करना या इंटरनेट/सोशल मीडिया पर महिला की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करना दोनों स्टॉकिंग में आते हैं।
प्रश्न संख्या 47
ताक-झांक (Voyeurism - महिला की सहमति के बिना उसके निजी पलों को देखना या कैमरे में कैद करना) BNS की किस धारा में है?
Aधारा 77 (Section 77 BNS)
Bधारा 73
Cधारा 76
Dधारा 79
✅ सही उत्तरविकल्प A: धारा 77 BNS (Voyeurism)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
धारा 77 के तहत प्रथम दोषसिद्धि पर 1 से 3 वर्ष की जेल और द्वितीय दोषसिद्धि पर 3 से 7 वर्ष की जेल का प्रावधान है।
प्रश्न संख्या 48
BNS की धारा 95 के तहत किसी बच्चे को भीख मांगने हेतु किराए पर लेने या नियोजित करने पर क्या सजा है?
Aकम से कम 7 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक का कठोर कारावास और जुर्माना
B1 वर्ष की सजा
Cकेवल चेतावनी
D500 रुपये जुर्माना
✅ सही उत्तरविकल्प A: 7 से 10 वर्ष का कठोर कारावास
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
बाल तस्करी और बाल भिक्षावृत्ति सिंडिकेट को जड़ से समाप्त करने हेतु BNS ने इस अपराध को अत्यंत गैर-जमानती और सख्त बनाया है।
प्रश्न संख्या 49
भारतीय न्याय संहिता की धारा 143 में 'मानव तस्करी' (Trafficking of Persons) हेतु क्या न्यूनतम सजा तय है?
Aकम से कम 7 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक का कारावास (बच्चों की तस्करी पर आजीवन कारावास)
B2 वर्ष
C3 वर्ष
D5 वर्ष
✅ सही उत्तरविकल्प A: 7 से 10 वर्ष तक की कैद (अवयस्कों पर उम्रकैद)
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
वेश्यावृत्ति, जबरन मजदूरी, या अंग प्रत्यारोपण हेतु व्यक्तियों की खरीद-फरोख्त पर कठोरतम दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं।
प्रश्न संख्या 50
भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) का दंडात्मक दर्शन पुराने औपनिवेशिक कानून (IPC 1860) से किस मूलभूत रूप से भिन्न है?
Aयह ब्रिटिश 'दंड और दमन' के स्थान पर 'न्याय, पीड़ित अधिकार और पुनर्वास' पर केंद्रित है
Bयह केवल जुर्माना लगाती है
Cयह केवल विदेशियों पर लागू होती है
Dकोई अंतर नहीं है
✅ सही उत्तरविकल्प A: 'दंड' के स्थान पर 'न्याय' और पीड़ित-केंद्रित पुनर्वास
📖 विस्तृत परीक्षा व्याख्या व तथ्य:
BNS में महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा, फॉरेंसिक साक्ष्य, पीड़ितों को मुआवजा और छोटे मामलों में सुधारवादी सामुदायिक सेवा पर बल दिया गया है।
निष्कर्ष (Conclusion & परीक्षा रणनीति)
भारतीय न्याय संहिता BNS 50 प्रश्न - सफलता हेतु अंतिम तैयारी सूत्र
भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) का निष्कर्ष: 1 जुलाई 2024 से लागू BNS 2023 ने 164 वर्ष पुराने IPC 1860 को प्रतिस्थापित किया है। हत्या (धारा 103), मॉब लिंचिंग (धारा 103(2)), शादी के झूठे वादे पर संबंध (धारा 69), संगठित अपराध (धारा 111), छोटे संगठित अपराध व स्नैचिंग (धारा 112), भारत की संप्रभुता को खतरा (धारा 152), हिट एंड रन (धारा 106(2)), और सामुदायिक सेवा के नए दंड पर 50 महत्वपूर्ण प्रश्नों का यह सेट आगामी सभी पुलिस परीक्षाओं का सबसे नया और अनिवार्य विषय है।
पुराने बनाम नए कानूनों की तुलनात्मक सारणी: IPC 302 अब BNS 103 है, IPC 376 अब BNS 64 है, IPC 420 अब BNS 318 है, और IPC 124A (राजद्रोह) को समाप्त कर धारा 152 (संप्रभुता को खतरा) लाया गया है। इस तुलनात्मक चार्ट को प्रतिदिन 10 मिनट दोहराएं। आगामी परीक्षाओं में पुराने IPC के बजाय BNS की नई धाराओं पर ही प्रश्न पूछे जाएंगे।
परीक्षा में बढ़त: BNS के प्रश्नों में सही धाराएं याद रखने वाले अभ्यर्थियों को दूसरों की तुलना में सीधी बढ़त मिलेगी। इस आलेख के प्रश्नों का गहन अध्ययन आपकी सफलता को पक्का करेगा!
GKHindiMe Team
सत्यापित विशेषज्ञ
यह आलेख GKHindiMe Team के वरिष्ठ संकाय और विषय विशेषज्ञों द्वारा आधिकारिक परीक्षा अधिसूचनाओं, NCERT पाठ्यपुस्तकों और भारत सरकार के आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार एवं तथ्य-जांचित (Fact-Checked) किया गया है।
समीक्षा तिथि: वर्ष 2026श्रेणी: Police GK (पुलिस भर्ती)सत्यापन: 100% तथ्य-जांचित